बैटरी ( Battery ) क्या है ?

परिचय ( Introduction ) सेल वह रासायनिक युक्ति है , जिसमें रासायनिक क्रिया द्वारा विद्युत वाहक बल ( e.m.f. ) उत्पन्न होता है , जो वैद्युत परिपथ में दिष्ट धारा के प्रवाह हेतु प्रयोग में लायी जाती है । एक से अधिक सेलों को कुछ निश्चित समूहों में जोड़ने से प्राप्त संरचना को बैटरी कहते हैं । प्रारम्भ में दिष्टधारा को ही जनित करके उपयोग में लाया जाता था ।

इसलिए उस समय सम्पूर्ण विश्व में दिष्टधारी को ही संचरित तथा वितरित किया जाता था । परिणामस्वरूप आज भी भारत में दिष्टधारा का पुराना जनन , संचरण तथा वितरण दिल्ली , कोलकाता आदि जैसे बड़े – बड़े शहरों में देखने को मिलता है ।

आने वाले समय में इण्डक्शन मोटर का आविष्कार हुआ , जिसका आविष्कार निकोला टेस्ला ने किया । यह मोटर केवल प्रत्यावर्ती धारा से ही प्रचलित होती थी । जिसके कारण प्रत्यावर्ती धारा का जनन , संचरण तथा वितरण आवश्यक हो गया जोकि अति मितव्ययी साबित हुआ ।

आजकल औद्योगिक तथा आवासीय क्षेत्रों में प्रत्यावर्ती धारा का उपयोग इतना बढ़ गया है कि मानव दिष्टधारा का उपयोग करना , दिन प्रतिदिन भूलते जा रहे हैं । परन्तु दिष्टधारा का औद्योगिक क्षेत्र में अपना विशेष स्थान है । जैसा बैटरी आवेशन , विश्लेषण प्रक्रम , विद्युत शक्ति उत्पादन केन्द्रों इत्यादि तथा बैटरी से भी दिष्टधारा सप्लाई प्राप्त होती है जो लघु पैमाने ( small scale ) पर प्रयोग की जाती है ।

Defining Terminology too_1 . Cell सेल वह रासायनिक युक्ति अथवा स्रोत है तो रासायनिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है एक आदर्श सेल को आकार में लघु अर्थात् सुसंगठित ( compact ) , कम स्थान घेरने वाली , भार में हल्की , टिकाऊ , दीर्घायु , न्यून आन्तरिक प्रतिरोध , न्यून आन्तरिक वोल्टतापात , उच्च विद्युत – वाहक बल , न्यून आन्तरिक हानियाँ , उच्च दक्षता आदि शुभ गुणों से सम्पन्न होना चाहिए । 2. Primary Cell— वह सेल , जिसमें रासानिक अभिक्रिया उत्क्रमणीय ( Reversible ) नहीं होती , प्राथमिक सेल कहलाती है ।

अर्थात् इन सेलों को पुन : आवेशित नहीं किया जा सकता है । प्राथमिक सेलों के अन्तर्गत लेक्लांशे सेल , एडीसन सेल , डैनियल सेल आदि समस्त शुष्क सेलें आती हैं । 3. Secondary Cell- वह सेल , जिसमें रासायनिक अभिक्रिया उत्क्रमणीय होती है , द्वितीयक सेल कहलाती है । अर्थात् इन सेलों को पुन : आवेशित किया जा सकता है । इन सेलों के अन्तर्गत संचायक सेलें आती हैं ।

4. Battery- सेलों के निश्चित समूह के संयोग ( combination ) को बैटरी कहते 5. Acidic Cell- वह सेल , जिसमें विद्युत – विश्लेष्य ( electrolyte ) के रूप में अम्ल का प्रयोग किया जाता है । अम्लीय सेल कहलाती है । जैसे : लेड सल्फ्यूरिक एसिड सेल । 6. Alkaline Cell- वह सेल , जिसमें विद्युत – विश्लेष्य के रूप में क्षार का प्रयोग किया जाता है , क्षारीय सेल कहलाती है । जैसे- निकिल – कैडमियम सेल । 7. Electrolyte- वह पदार्थ , जिसमें द्रवीय अवस्था में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर रासायनिक परिवर्तन हो जाता है , विद्युत – विश्लेष्य कहलाता है । जैसे- Cuson , NaCI , NaOH , HCI आदि । 8. Electrode- वह चालक जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित करने पर कोई रासायनिक परिवर्तन नहीं होता है ; जैसे ग्रेफाइट तथा अन्य सभी ठोस धातुएँ आदि । 9. Electrolysis- विद्युत – विश्लेषी घोल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर जो रासायनिक प्रतिक्रिया होती है , उसे विद्युत – विश्लेशण या विद्युत अपघटन या विद्युत – विच्छेदन ( Electrolycic + Analysis ) कहते हैं ।

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